रणबांकुरे हम चल पड़े अपना सीना तान कर ,
हम ना रुकेंगे हम ना थकेंगे जब तक तन में जान है ,
भारत माता की सेवा पर हर कदम कुर्बान है ,
पर्वतो का सीना भी आज हम को छोटा लगता है ,
भारत माँ की सेवा को हमे ये जीवन छोटा लगता है ,
हम उन वीरो की संतान है जो माँ पर न्योछावर होते है ,
हमने उनसे सीखा है बढ़ना ना वो रुकने हमें देते है ,
मातृभूमि पर तन मन वारे वो सीख हमे ये देते है ,
रुकेंगे नहीं झुकेंगे नहीं ये बात मन में ठानी है।
जय हिन्द की सेना
हम ना रुकेंगे हम ना थकेंगे जब तक तन में जान है ,
भारत माता की सेवा पर हर कदम कुर्बान है ,
पर्वतो का सीना भी आज हम को छोटा लगता है ,
भारत माँ की सेवा को हमे ये जीवन छोटा लगता है ,
हम उन वीरो की संतान है जो माँ पर न्योछावर होते है ,
हमने उनसे सीखा है बढ़ना ना वो रुकने हमें देते है ,
मातृभूमि पर तन मन वारे वो सीख हमे ये देते है ,
रुकेंगे नहीं झुकेंगे नहीं ये बात मन में ठानी है।
जय हिन्द की सेना

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