हिन्दी दिवस पर विशेष
''अखिल भारतीय स्तर पर विचार विमर्श के लिए हमें भारतीय भाषाओ में से एक ऐसी भाषा
की जरुरत है जिसे देश के सबसे ज्यादा लोग पहले से जानते समझते हो और जिसे दूसरे लोग
आसानी से सीख सके ''
महात्मा गाँधी
भारत विभिन भाषाओ का देश है। जैसी कि एक कहावत है ''हर दो मील पानी बदले और हर चार
मील पर बानी ''१९६१ की जनगणना के अनुसार भारत में १६५२ से अधिक बोलियाँ है जो पांच अलग
अलग भाषा परिवारों के अंतर्गत आती है।१९९१ की जनगणना में लोगो ने मतगणना के कागजात
में मोटे तौर पर१०४०० बोलियों को अपनी मातृभाषा बताया था। युक्तिसंगत विश्लेषण के बाद देश
में मातृभाषाओं की संख्या १५७६ तय की गई। २००१ की जनगणना में इसका और विश्लेषण करने
के बाद से भाषाओ की कुल संख्या१२२ और बोलियों की २३४ तय की गई। सविंधान की आठवीं
अनुसूची के अनुसार देश में २२ अनुसूचित भाषा है जो इस प्रकार है --
१ असमिया २ बंगाली ३ गुजराती ४ हिन्दी ५ कन्नड़ ६ कश्मीरी ७ कोंकणी ८ मलयालम
९ मणिपुरी १० मराठी ११ नेपाली १२ ओडीया १३ पंजाबी १४ संस्कृत सिन्धी १६ तमिल
१७ तेलुगू १८ उर्दू १९ बोडो २० संस्कृत मैथिली २२ डोगरी
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